1990 से 2010: रोमांस, मल्टीस्टारर और ग्लोबल बॉलीवुड
- mlmbusinessphd
- Jun 12
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💖 1990 से 2010: रोमांस, मल्टीस्टारर और ग्लोबल बॉलीवुड
📌 परिचय
1990 से 2010 का समय भारतीय सिनेमा में एक नई क्रांति लेकर आया। यह दौर था जब:
रोमांटिक कहानियों ने फिर से दिल जीता
मल्टीस्टार फिल्मों ने धमाल मचाया
और बॉलीवुड ने ग्लोबल पहचान बनाई
💑 रोमांस का पुनर्जन्म
1980 के अंत तक एक्शन का बोलबाला था। लेकिन 1990 के दशक में प्रेम कहानियाँ फिर से केंद्र में आ गईं।
🔸 प्रमुख रोमांटिक फिल्में:
मैंने प्यार किया (1989) – सलमान खान का रोमांटिक डेब्यू
दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (1995) – SRK और काजोल की क्लासिक लव स्टोरी
कुछ कुछ होता है (1998) – कॉलेज रोमांस का नया दौर
मोहब्बतें, कल हो ना हो, वीर-ज़ारा – दिल और संस्कृति की बात
🔹 प्रमुख रोमांटिक हीरो:
शाहरुख खान – “किंग ऑफ रोमांस”
सलमान खान, आमिर खान – नए जमाने के लवर बॉय
रानी मुखर्जी, ऐश्वर्या राय, करीना कपूर – दिलों की रानी
🎥 मल्टीस्टार फिल्मों का दौर
90s और 2000s में फिल्में एक नहीं, कई सितारों को साथ लेकर चलने लगीं। हर फिल्म में एक्शन, रोमांस, कॉमेडी और ड्रामा का मेल होता था।
🎞️ हिट मल्टीस्टार फिल्में:
हम आपके हैं कौन (1994)
करण अर्जुन (1995)
हम साथ साथ हैं (1999)
कभी खुशी कभी ग़म (2001)
कल हो ना हो (2003)
वेलकम (2007)
ओम शांति ओम (2007)
🌏 बॉलीवुड का ग्लोबल विस्तार
🔸 NRI और विदेश की कहानियाँ:
फिल्में अब सिर्फ भारत की नहीं, लंदन, न्यूयॉर्क, स्विट्जरलैंड जैसे देशों में भी शूट होने लगीं
प्रवासी भारतीयों की कहानियाँ भी सिनेमा में आने लगीं (जैसे – DDLJ, Namaste London)
🔸 अंतरराष्ट्रीय फैनबेस:
शाहरुख, आमिर, सलमान जैसे सितारे विदेशों में भी मशहूर हो गए
बॉलीवुड फिल्में अब ओवरसीज मार्केट में करोड़ों की कमाई करने लगीं
🎼 म्यूज़िक की नई ध्वनि
इस दौर में संगीत भी बदल गया:
ए.आर. रहमान ने इंटरनेशनल स्तर का म्यूजिक दिया (रोज़ा, दिल से, स्लमडॉग मिलियनेयर)
नीचे से ऊपर तक रेट्रो और पॉप का फ्यूजन
कॉलेज यूथ और क्लब कल्चर को ध्यान में रखते हुए बीट्स बने
💡 नई तकनीक, नया सिनेमा
मल्टीप्लेक्स सिनेमा का उदय
कंप्यूटर ग्राफिक्स और डिजिटल इफेक्ट्स
नए निर्देशक जैसे करण जौहर, अदित्य चोपड़ा, राजकुमार हिरानी, फरहान अख्तर ने नई सोच के साथ फिल्में बनाई
✅ निष्कर्ष (Conclusion)
1990 से 2010 तक का समय दिल की बात कहने वाले सिनेमा का दौर था। इस युग ने बॉलीवुड को दुनिया के नक्शे पर पहचान दिलाई और कई नए सुपरस्टार्स गढ़े। यह वो दौर था जब भारतीय दर्शकों ने रोमांस में फिर से खुद को देखा — और दुनिया ने बॉलीवुड को सलाम किया।
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